Dowload Panchatantra Stories In Hindi PDF for 100% free | पंचतंत्र की कहानियां

Panchatantra Stories In Hindi PDF: पंचतंत्र की कहानियां बच्चों के लिए बहुत ही प्रिय होती हैं। इन कहानियों को पढ़ते समय बच्चों को बहुत मजा आता है और वह इसे बहुत पसंद करते हैं। इन कहानियों का सबसे खास बात यह है कि इनमें न केवल मनोरंजन है, बल्कि बहुत सारी महत्वपूर्ण शिक्षाएँ भी हैं। इस लेख में हम ऐसी ही अद्भुत पंचतंत्र की कहानियों के बारे में बात करेंगे जो न केवल रोचक हैं बल्कि शिक्षाप्रद भी हैं। तो, आइए शुरू करते हैं और इन मजेदार पंचतंत्र कहानियों को देखते हैं।

पंचतंत्र की कहानियां क्या है ?- Panchatantra Stories In Hindi pdf

हम सभी ने ऐसी कहानियाँ जरूर सुनी होती हैं जो हमें सही राह पर चलने के लिए प्रोत्साहित करती हैं। इन कहानियों में शिक्षा के साथ-साथ मनोरंजन का तत्व भी होता है, इसलिए इन्हें पढ़ना या सुनना बहुत ही मजेदार लगता है।

पंचतंत्र की कहानियां एक ऐसी किताब में संग्रहित हैं जो अध्ययन के माध्यम से हमें जीवन की महत्वपूर्ण शिक्षाएं सिखाती है। जी हाँ, पंचतंत्र (panchatantra stories in hindi pdf) की कहानियाँ व्यक्ति को बुद्धिमान और समझदार बनाने में सहायक होती हैं। चलिए, इन अद्भुत पंचतंत्र कहानियों का विवरण नीचे देखते हैं।

 🔖 PDF NamePanchatantra Stories In Hindi
 🗣️ LanguageHindi
📖  No. of Pages294 Pages
📔 PDF Size2.1 MB
 ⭐ Ratings4.8/5
 📚 CategoryGeneral Knowledge (Education)
📉 QualityHD Quality
 🔥 Sourcesgoogle drive
Panchatantra Stories In Hindi PDF

History of Panchatantra Stories : पंचतंत्र कहानियों का इतिहास

बहुत पहले की बात है, अमरशक्ति नामक एक सम्मानित राजा महिलारोप्य राज्य में शासन करते थे। उनके पास तीन पुत्र थे – अनेकशक्ति, बहूशक्ति और उग्रशक्ति। इन तीनों में से कोई भी अधिक बुद्धिमान नहीं था, इस वजह से राजा हमेशा चिंतित रहते थे।

एक दिन वह अपने सभी मंत्रियों को इकट्ठा करता है और उनसे अपनी चिंता का कारण बताता है: “मेरे पुत्र इतने अधिक मूर्ख हैं कि मुझे विश्वास नहीं होता कि वे कभी इस साम्राज्य को संचालित कर पाएंगे। क्या आप में से कोई उपाय जानता है जिससे उनकी बुद्धि में सुधार हो?”

एक पंडित ने उत्तर दिया, “एक आदमी को व्याकरण सीखने में एक साल लगता है, फिर उसे शास्त्रों की शिक्षा दी जाती है जिससे उसकी बुद्धि विकसित होती है।”

फिर एक अन्य मंत्री ने कहा, “हमारे पास अधिक समय नहीं है। हमें एक छोटा और प्रभावशाली उपाय ढूंढना होगा।”

राजा ने पूछा, “ऐसा कौन सा विद्यार्थी है जो सभी शास्त्रों की शिक्षा जल्दी दे सकता है?”

उस मंत्री ने उत्तर दिया, “महाराज, पंडित विष्णु शर्मा एक ऐसा विद्यार्थी है जो आपके पुत्रों को जल्दी बुद्धिमान बना सकता है।”

राजा ने तुरंत पंडित विष्णु शर्मा को बुलवाया। विष्णु शर्मा ने आश्वासन दिया कि वह राजा के पुत्रों को सिर्फ 6 महीने में बुद्धिमान बना देगा। उसने इस कार्य के लिए कोई पुरस्कार नहीं मांगा और कहा कि अगर वह सफल नहीं हुआ तो वह अपना नाम बदल देगा। और फिर उसने राजा के पुत्रों को शास्त्र सिखाया, जिसे वह पंचतंत्र के नाम से प्रस्तुत किया।

और इस प्रकार, राजा के पुत्रों ने वह ज्ञान प्राप्त किया जिसे हम आज भी पंचतंत्र के रूप में पढ़ते हैं। यह कहानियाँ न केवल जीवन के मूल अधिकारों को सिखाती हैं, बल्कि वे हमें व्यावसिक बुद्धि, नैतिकता और अन्य महत्वपूर्ण धारावाहिक जीवन के सिद्धांतों का भी ज्ञान देती हैं।

Panchatantra Stories In Hindi PDF

5 Parts of Panchtantra Stories : पंचतंत्र के पांच भाग हैं

  • मित्रसम्प्राप्ति (मित्र प्राप्ति और उसके लाभ)
  • ळब्दप्रनाश  ( विनाश या मृत्यु के आने पर)
  • काकुलुकीय  ( उल्लुओं एवं कौवे की कहानी)
  • अपरीक्षितकारक  (हड़बड़ी में कार्य न करें)
  • मित्रभेद  (मित्रों में अलगाव एवं मनमुटाव )

पंचतंत्र की कहानियों का एक खास महत्व है। इन कहानियों में पशु-पक्षियों के माध्यम से जीवन के महत्वपूर्ण संदेश और शिक्षाएं बच्चों तक पहुँचाई जाती हैं। इन्हें पढ़कर हर व्यक्ति, चाहे वह छोटा हो या बड़ा, कुछ न कुछ सीखता है। पंचतंत्र की कहानियों में उलझन, मित्रता, धर्म, बुद्धि और समझदारी के महत्व को बताया गया है।

जब हम बच्चों को इन कहानियों से जुड़े संदेश सिखाते हैं, तो उनकी सोच में एक नई समझ और जागरूकता आती है। “101 panchatantra stories pdf” नामक संग्रह में इन्हीं कहानियों को संकलित किया गया है जो हर बच्चे को पढ़ना चाहिए।

कुछ प्रमुख कहानियां जो इस संग्रह में शामिल हैं, उनकी सूची नीचे प्रस्तुत की जा रही है।

अब आप सोच रहे होंगे कि ऐसी कौन-कौन सी कहानियां हैं जो हर बच्चे के लिए महत्वपूर्ण हैं? इसका उत्तर आपको “101 panchatantra stories pdf” में मिलेगा।

अगर आप अपने बच्चों को जीवन की सच्चाई और समझदारी सिखाना चाहते हैं, तो पंचतंत्र की कहानियों का संग्रह उनके लिए अद्भुत है। इससे उन्हें जीवन में सही और गलत का भेद जानने में मदद मिलेगी।



Panchatantra Stories in Hindi PDF)  पंचतंत्र की कहानियां (Panchatantra Stories)

  • विद्यार्थी और शेर
  • एक ब्राह्मण का सपना
  • खीला खींचने वाले एक बन्दर की कहानी 
  • सियार और दुन्दुभि
  • सिंहनी और सियार के बच्चे की कहानी 
  • दंतिल और गोरंभ की कहनी 
  • सियार और दूती आदि की कहानी 
  • विष्णु का रूप धारण करने वाले बुनकर
  • गौरय्या और बंदर की कथा
  • बगुला, काले सांप और नेवले की कथा
  • लोहे की तराजू और बनिएं की कथा
  • राजा और बंदर की कथा
  • परिव्राजक और चूहे की कथा
  • शाण्डिली द्वारा तिल-चूर्ण बेचने की कथा
  • भील, सूअर और सियार की कथा
  • राज-कन्या की कथा
  • कौओं के जोड़े और काले नाग की कथा                                               
  • सिंह और खरगोश की कथा
  • नील के बरतन में गिरे हुए सियार की कथा
  • सिंह, ऊँट, सियार और कौए की कथा
  • काठ से गिरे हुए कछुए की कहानी
  • कौओं और उल्लुओं के बीच पुराने वैर की कहानी
  • सेमिलक और छिपे धन की कथा
  • बैल के पीछे-पीछे चलने वाले सियार की कहानी 
  • धर्मबुद्धी और उसके मित्र की कहानी 
  • मेढक और काले सांप की कहानी 
  • खरगोश और हाथी की कहानी 
  • गौरय्या और खरगोश की कहानी 
  • तीन धूर्तों और ब्राह्नण की कहानी 
  • ब्राह्ण और साँप की कहानी 
  • सोने के हंस और सोने की चिड़िया की कथा
  • बूढ़े बनिये की स्त्री और चोर की कहानी
  • ब्राह्नण, चोर और पिशाच की कहानी 
  • सिंह, सियार और गुफा की कहानी 
  • सिंह और गधे की कहानी 
  • युधिष्ठिर कुम्हार की कथा
  • सोने की बीट देने वाले पक्षी और शिकारी की कथा
  • काले साँप और चींटी की कहनी 
  • मूर्ख पंडित की कहानी 
  • गधे और धोबी की कहानी 
  • कुत्ते की कहानी 
  • चकधर की कहानी

विद्यार्थी और शेर पंचतंत्र की कहानी : Panchatantra Stories In Hindi PDF

चार ब्राह्मण युवक थे जो एक गाँव में रहते थे। उन सभी का मित्रता का बंधन था। तीनों में अध्ययन की महारत थी जबकि चौथा अध्ययन में अधिक प्रवीण नहीं था, पर वह विशेष तरह से समझदार था। एक दिन, उन्होंने तय किया कि वे अपनी बुद्धि दिखाने के लिए राजमहल में जाएंगे।

उनकी यात्रा में उन्हें शेर की एक पुरानी खाल और कुछ हड्डियाँ मिली। उस समय, एक युवक उत्साहित हो गया और बोला, “हम अपनी ज्ञानशक्ति का प्रदर्शन करें और इस मृत शेर को पुनः जीवंत करें। मैं इसके अस्थियों को जोड़ सकता हूँ।” दूसरे ने कहा, “मैं इसमें मांस और रक्त समाहित कर सकता हूँ।” तीसरे ने स्थानीयता दिखाई और कहा, “मैं इसमें प्राण प्रविष्ट कर सकता हूँ और यह शेर जीवित हो जाएगा।”

लेकिन चौथा दोस्त चिंतित दिखाई दिया। वह धीरे से बोला, “अगर तुम इसे जीवंत करने जा रहे हो, तो मैं इस स्थान से दूर हो जाऊंगा। शेर जीवंत होने पर हम पर हमला कर सकता है।” बाकी तीन मित्र उस पर हंसे और उसे डरपोक कहकर उसकी बातों को नकारा।

फिर जब शेर जीवित हो गया, वह तीनों मित्रों पर झपटा और उन्हें मार दिया। जबकि चौथा दोस्त पेड़ पर सुरक्षित रहा और उसने आभार व्यक्त किया कि उसकी सजगता ने उसकी जान बचाई। वह समझ गया कि प्राकृतिक नियमों में हस्तक्षेप करना सही नहीं है।

एक ब्राह्मण का सपना पंचतंत्र की कहानी : Panchatantra Stories In Hindi PDF

एक समय की बात है, एक ब्राह्मण था जो पूजा पाठ के लिए लोगों के घर जाता था। एक दिन जब वह किसी घर से लौट रहा था, तो उसे कुछ लोगों से सत्तू मिला। ब्राह्मण खुशी से चमक उठा। उसने उस सत्तू का आधा हिस्सा खा लिया और बची हुई को एक मटके में डालकर उसे ऊपर लटका दिया।

फिर वह अपने खटिए पर सोने चला गया और अच्छी खासी नींद में खो गया। सपनों में वह सोच रहा था कि जब अकाल आएगा, वह अपना सत्तू बहुत अधिक कीमत में बेच देगा। और फिर वह पैसे से बकरी, गाय, घोड़ा और भैंस खरीदेगा। जब उसके पास बहुत सारा पैसा होगा, तो वह सोना खरीदेगा। और अगर सोने के भाव बढ़े तो वह उसे भी बेच देगा।

फिर जब वह अमीर हो जाएगा, वह एक बड़ी जमीन पर घर बनवाएगा और एक सुंदर लड़की से शादी करेगा। और जब उसके घर में बच्चे होंगे, तो वह उन्हें खेलते हुए देखेगा। और अगर उसका बच्चा रोएगा, तो वह अपनी पत्नी से कहेगा कि तुम बच्चे का ध्यान क्यों नहीं रख रही हो।

और तभी जब वह सपना देख रहा था, उसने बिना जाने अपना पैर ऊपर की तरफ मार दिया, जिससे उसका सत्तू का मटका टूट गया। जब उसकी आंख खुली, तो वह समझ गया कि वह सब सिर्फ एक सपना था।

इस तरह की और रोचक पंचतंत्र की कहानियां पढ़ने के लिए हमारी ‘वेबसाइट’ पर बार-बार आते रहें। हर बार आपको नई और मजेदार कहानियां मिलेंगी। तो अगले समय तक हमारी ‘वेबसाइट’ पर मिलते हैं।

Panchatantra Stories In Hindi PDF : जादुई पतीला | Magical Pot Story In Hindi

कई समय पहले पीतल नगर में एक किसान नामक किशन रहता था। वह अपनी मेहनत से जीवन यापन कर रहा था। किशन का पहले खुद का खेत भी था, लेकिन जब उसके पिता बीमार पड़े तो उसने अपना सभी खेत बेच दिया और अब वह गाँव के ज़मींदार के खेत में मजदूरी करके जीवन चला रहा था।

वह रोज़ यह सोचता कि वह कैसे अपने परिवार की हालत में सुधार लाए। एक दिन जब वह ज़मींदार के खेत में खुदाई कर रहा था, तो उसकी कुदाल कुछ कठोर से टकराई। उसने ज्यादा खोदने पर देखा कि वहाँ एक बड़ा पतीला दबा हुआ था।

किशन को दुःख हुआ क्योंकि वह सोच रहा था कि अगर यहाँ कुछ मूल्यवान चीज़ होती तो उसकी मदद हो सकती। जब भूख लगी तो वह अपनी कुदाल को पतीले में डाल दिया और खाना शुरू किया। खाना खाने के बाद जब वह पतीले की ओर बढ़ा तो उसने देखा कि उसकी एक कुदाल नहीं, बल्कि कई कुदालें हो गई थीं। वह हैरान रह गया। उसने तुरंत अपनी टोकरी को भी पतीले में डाला और वह भी बढ़ गई।

किशन ने समझ लिया कि यह पतीला जादुई है और उसने उसे अपने घर ले जाया। इस तरह, वह अपने और अपने परिवार की स्थिति में सुधार कर पाया।

पीतल नगर में जब ज़मींदार ने उस जादुई पतीले का उपयोग किया और तेजी से धनवान बना, तो इस घटना की खबर नगर के राजा तक पहुंची। ज़मींदार ने अपनी संपत्ति में वृद्धि के लिए वह पतीला इस्तेमाल किया। जब उसने अपने प्रेमी गहनों को उसमें डाला, तो उसकी संपत्ति में बहुत वृद्धि हुई।

नगर के राजा को जब यह पता चला कि ज़मींदार कैसे धनी हुआ, तो वह उस पतीले को अपने पास मंगवाने का आदेश दिया। वह चाहता था कि वह भी अपनी संपत्ति को बढ़ा सके।

लेकिन जब राजमहल में वह पतीला आया, तो वहाँ एक भयानक संघर्ष हुआ। नगर के लोगों को इस संघर्ष की खबर हो गई और सभी हैरान रह गए।

जादुई पतीले की शक्तियों के सामने राजा ने अपनी जान खो दी। किशन और ज़मींदार ने सोचा कि उन्होंने सही तरीके से उस पतीले का उपयोग किया और राजा ने अपनी असमझदारी में अपनी जान खो दी। उस घटना से सबको समझ में आया कि किसी भी चीज का अधिक उपयोग करना हानिकारक हो सकता है।

Panchatantra Stories In Hindi PDF : शेर और भालू | Sher Aur Bhalu Ki Kahani

श्याम जंगल में बहुत समय से एक शेर रहता था जिसका नाम मोती था। मोती शेर किसी से कम नहीं था, वह अपनी चालाकियों के लिए प्रसिद्ध था। जब भी उसे किसी चीज़ की जरूरत होती, वह उसे पाने के लिए जंगल के अन्य जानवरों से दोस्ती करता। लेकिन जब उसे उनकी जरूरत पड़ती, वह उन्हें नज़रअंदाज़ कर देता।

जंगल के अन्य जानवरों को यह जल्दी समझ में आ गया कि मोती शेर सिर्फ अपने लाभ के लिए दोस्ती करता है। इसलिए, धीरे-धीरे वह सभी जानवर उससे दूर हो गए।

मोती जंगल में अकेला हो गया। उसे अब कोई दोस्त नहीं मिल रहा था। फिर एक दिन, जब वह अपनी गुफ़ा की ओर बढ़ रहा था, तो उसने देखा कि वहाँ एक बुजुर्ग भालू अब अपना घर बना रहा था। मोती के मन में विचार आया कि यदि वह भालू से दोस्ती करे तो शायद उसका कुछ फ़ायदा हो सके।

लेकिन जब वह भालू को अच्छी तरह से देखा, तो उसने समझा कि भालू तो बहुत ही बूढ़ा है। मोती सोचने लगा कि इस बूढ़े भालू से उसको क्या फ़ायदा होगा? इसलिए वह भालू से दोस्ती करने का इरादा त्याग दिया।

शेर ने एक दिन चिड़िया और भालू की बातचीत कान लगा कर सुनी। चिड़िया भालू से जानना चाह रही थी कि उसकी उम्र के बावजूद वह खाना कैसे प्राप्त करता है।

भालू ने मुस्काते हुए उत्तर दिया, “बेटा, पहले मैं मछली का शौक रखता था, पर अब मैं जंगल में जाकर मधुमक्खियों का शहद लेता हूँ। उसका स्वाद तो आलिशान है।”

शेर को यह सुनकर आवाज में अच्छी लगी क्योंकि वह भी कभी शहद नहीं चखा था। उसने तय किया कि वह भालू से दोस्ती करेगा ताकि वह भी शहद का स्वाद देख सके।

उसी विचार में डूबे हुए शेर ने भालू के पास जाकर कहा, “आपको याद है, जब हम जवान थे, आपने मुझे तालाब की मछलियाँ दी थीं। मुझे आपकी वह मेहरबानी आज भी याद है।”

भालू थोड़ा चिंतित होकर बोला, “मुझे ठीक से याद नहीं, पर आप अगर कह रहे हैं तो हो सकता है।”

शेर ने मुस्कराते हुए कहा, “कोई बात नहीं। अब हम फिर से दोस्त बन सकते हैं।” फिर वह अपनी गुफ़ा की ओर वापस हो गया।

अगले दिन, शेर ने भालू को अपने घर पर खाने के लिए बुलाया। भालू खुशी से मान गया। लेकिन, जब वह शेर के घर पहुंचा, शेर ने तेज़ी से सारा खाना खा लिया और भालू के लिए कुछ भी नहीं छोड़ा। शेर ने हंसते हुए कहा, “मैं तो ऐसा ही हूँ, जल्दी खा लेता हूँ।”

इस पर भालू थोड़ा नाराज हुआ, लेकिन वह भी समझ गया कि शेर के साथ उसकी दोस्ती में सावधानी बरतना ही बेहतर है। वह वहां से चला गया, लेकिन जब भी वह शेर को देखता, वह समझ जाता कि शेर को खाने की प्यास कभी भी शांत नहीं होती।

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि हमें अपने दोस्तों का चयन सावधानी से करना चाहिए।

भालू बहुत ही दुखी मन से अपने घर वापस पहुंचा। अगली सुबह, एक प्यारी सी चिड़िया उसके पास आई और पूछा, “तुम इतने उदास क्यों हो भालू भैया?”

भालू ने चिड़िया को बताया कि वह रात को शेर के घर में कैसे अच्छा मेहसूस नहीं कर पाया। चिड़िया मुस्कराई और बोली, “तुम्हें पता नहीं था कि शेर अधिकतर अपने फायदे के लिए दोस्ती करता है? तुम्हें उसे सही दिशा में मार्गदर्शन करना चाहिए।” चिड़िया की बातों को सुनकर भालू ने ठान लिया कि वह शेर को सही पाठ पढ़ाएगा।

भालू फिर से शेर की गुफा में पहुंचा और शेर से नामकरण संस्कार में मिठाई बाँटते समय की तरह बात की। शेर ने अचानक भालू से पूछा, “आप अपना खाना कहाँ से प्राप्त करते हो?”

भालू ने शेर को शहद के मजेदार स्वाद के बारे में सुनाया। शेर तुरंत ही उत्साहित होकर बोल पड़ा, “तुमने मुझे अभी तक शहद क्यों नहीं चखाया?”

भालू ने सोचा, “अब मेरा मौका आ गया है।” उसने शेर को कहा, “आप रात को मेरे घर पर आइए, मैं आपको शहद चखाऊंगा।”

रात का समय आया और शेर भालू के घर पहुंचा। भालू ने शेर का स्वागत किया और उसे बैठने के लिए कहा। फिर उसने धीरे से दरवाजा बंद कर दिया। शेर थोड़ा चिंतित होकर पूछा, “तुम दरवाजा क्यों बंद कर दिया?”

भालू ने जवाब दिया, “अगर शहद की ख़ुशबू बाहर जा पाई, तो बाकी जानवर भी यहाँ आ सकते हैं।” इसके बाद भालू ने शेर को एक मधुमक्खी का छत्ता दिखाया और कहा, “आपका शहद यहाँ है।”

जैसे ही शेर ने छत्ते को खोलने की कोशिश की, मधुमक्खियाँ उसे काटने लगीं। शेर दर्द से चिल्लाया और उसने पूछा, “तुमने मुझे बताया क्यों नहीं?”

भालू मुस्कराया और बोला, “यह मेरा तरीका है शहद खाने का।” शेर समझ गया कि भालू ने उसे एक सबक सिखाया है, और वह वहाँ से चुपचाप चला गया।

सारांश:- Panchatantra Stories in Hindi Pdf

इस लेख में panchatantra stories in hindi pdf के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है। अगर आप भी पंचतंत्र की रोचक कहानियाँ पढ़ने में रुचि रखते हैं, तो कृपया हमें कमेंट में बताएं। हम इस पेज पर उपलब्ध पंचतंत्र की सभी कहानियों को आपके सामने प्रस्तुत करेंगे। अगर आपको ये कहानियाँ अच्छी लगी हों तो, कृपया अपने मित्रों के साथ भी शेयर करना न भूलें।

FAQs : Panchatantra Stories in Hindi Pdf

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